Chaitra Navratri 2027: तिथि, घटस्थापना समय, पूजा विधि और महत्व

Chaitra Navratri 2027: तिथि, घटस्थापना समय, पूजा विधि और महत्व

नवरात्री Chaitra Navratri 2027: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल चैत्र नवरात्रि से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। नवरात्रि में माँ दुर्गा के भक्त घटस्थापना करते हैं और व्रत रखते हैं और माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। यह 9 दिन माँ दुर्गा को समर्पित होते हैं। इन 9 दिनों में भक्तजन उपवास रखकर, मंत्र जप करके और कन्या पूजन करके माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से इन 9 दिनों तक माता की आराधना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा का बाल रूप- जय माता दी


आइए जानते हैं नवरात्रि 2027 (Navratri 2027) की विस्तृत जानकारी - तिथि, शुभ मुहूर्त, कलश स्थापना समय और पूजा विधि।

चैत्र नवरात्रि 2027 तिथि और महत्व

चैत्र नवरात्रि को "वासंतिक नवरात्रि" भी कहा जाता है। यह हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। इस दौरान प्रकृति भी नए रूप में खिलती है। किसान नई फसल की पूजा करते हैं और घरों में सुख-शांति की कामना की जाती है।

चैत्र नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के 9 अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। प्रत्येक दिन एक विशेष देवी को समर्पित होता है। इन 9 दिनों में देवी पृथ्वी पर आकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।

चैत्र नवरात्रि 2027 कलश स्थापना शुभ मुहूर्त

घटस्थापना नवरात्रि की सबसे महत्वपूर्ण रस्म है। इसी से नवरात्रि की शुरुआत मानी जाती है।

  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 06 अप्रैल 2027 रात 10:45 बजे
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त: 07 अप्रैल 2027 रात 08:20 बजे
  • घटस्थापना शुभ मुहूर्त: 07 अप्रैल 2027 सुबह 06:15 बजे से 08:30 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: 07 अप्रैल 2027 सुबह 11:50 बजे से 12:40 बजे तक

नोट: घटस्थापना के लिए चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता की मूर्ति स्थापित करें। मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और कलश में गंगाजल भरकर स्थापित करें।

चैत्र नवरात्रि 2027 - 9 दिन की तिथि और देवी

नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ दुर्गा के एक अलग स्वरूप की पूजा की जाती है:

नवरात्रि का पहला दिन - प्रतिपदा 07 अप्रैल 2027 बुधवार को शुरू हो रहा है। इस दिन घटस्थापना की जाती है और माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। माँ शैलपुत्री हिमालय की पुत्री हैं और इन्हें वृषभ पर सवार दर्शाया जाता है।

नवरात्रि के दूसरे दिन - द्वितीया 08 अप्रैल 2027 गुरुवार को माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। ये तपस्या और ज्ञान की देवी हैं।

नवरात्रि के तीसरे दिन - तृतीया 09 अप्रैल 2027 शुक्रवार को माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है।

नवरात्रि के चौथे दिन - चतुर्थी 10 अप्रैल 2027 शनिवार को माता कूष्मांडा की पूजा अर्चना की जाती है। इन्हें ब्रह्मांड की रचयिता माना जाता है।

नवरात्रि के पांचवे दिन - पंचमी 11 अप्रैल 2027 रविवार को माता स्कंदमाता की पूजा अर्चना का विधान है। ये कार्तिकेय की माता हैं।

नवरात्रि के छठे दिन - षष्ठी 12 अप्रैल 2027 सोमवार को माता कात्यायनी की पूजा अर्चना की जाती है। विवाह में देरी के लिए इनकी पूजा फलदायी है।

नवरात्रि के सातवें दिन - सप्तमी 13 अप्रैल 2027 मंगलवार को माता काल रात्रि की पूजा की जाती है। ये नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं।

नवरात्रि के आठवें दिन - अष्टमी 14 अप्रैल 2027 बुधवार को माता महागौरी की पूजा अर्चना का विधान है। इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है।

नवरात्रि के नौवें दिन - नवमी 15 अप्रैल 2027 गुरुवार को माँ सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना का विधान है। इस दिन रामनवमी का त्योहार भी मनाया जाता है।

चैत्र नवरात्रि 2027 अष्टमी टाइमिंग और कन्या पूजन

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि जिसे महाअष्टमी भी कहा जाता है, 14 अप्रैल 2027 बुधवार को मनाई जायेगी। अष्टमी तिथि 13 अप्रैल को शाम 05:28 बजे से शुरू होकर 14 अप्रैल को शाम 03:23 बजे तक रहेगी। उसके बाद नवमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी।

इस दिन नौ कन्याओं की पूजा की जाती है। इस कन्या पूजन में कन्याओं को भोजन, माता की चुन्नी और उपहार दिए जाते हैं और श्रद्धा पूर्वक उनके चरण स्पर्श कर के माँ दुर्गा के नौ रूपों की प्रतीक कन्याओं से आशीर्वाद लिया जाता है। कन्या पूजन को कंजक पूजन के नाम से भी जाना जाता है। कन्या पूजन से घर में सुख समृद्धि आती है।

चैत्र नवरात्रि 2027 नवमी टाइमिंग और रामनवमी

चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि 15 अप्रैल 2027 गुरुवार को मनाई जाएगी। नवमी तिथि की शुरुआत 14 अप्रैल को दोपहर 03:23 बजे से शुरू होकर 15 अप्रैल को दोपहर 01:20 बजे तक रहेगी।

इस दिन भगवान श्री राम का जन्मोत्सव "रामनवमी" भी मनाया जाता है। इसलिए इस दिन राम मंदिरों में विशेष पूजा और भजन-कीर्तन होते हैं।

चैत्र नवरात्रि 2027 पारण समय

नवरात्रि के दसवें दिन अर्थात दशमी 16 अप्रैल 2027 को दोपहर 01:20 बजे से दशमी तिथि शुरू हो जायेगी, इस लिए चैत्र नवरात्रि का पारण 15 अप्रैल को दोपहर 01:20 बजे के बाद किया जा सकता है। पारण के बाद ही 9 दिन का व्रत पूर्ण माना जाता है।

चैत्र नवरात्रि के व्रत के नियम

  • 9 दिनों तक सात्विक भोजन करें। लहसुन, प्याज और मांसाहार से बचें।
  • रोज सुबह स्नान करके माता की पूजा करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  • जमीन पर सोएं और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • 9 दिनों तक क्रोध और झूठ बोलने से बचें।
  • अंतिम दिन कन्या पूजन और ब्राह्मण भोजन अवश्य कराएं।

Chaitra Navratri 2027 से जुड़े FAQ

Q1. चैत्र नवरात्रि 2027 कब से शुरू हो रही है?
उत्तर: चैत्र नवरात्रि 07 अप्रैल 2027 बुधवार से शुरू हो रही है।

Q2. घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
उत्तर: 07 अप्रैल 2027 को सुबह 06:15 बजे से 08:30 बजे तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त है।

Q3. रामनवमी 2027 को कब है?
उत्तर: रामनवमी 15 अप्रैल 2027 गुरुवार को चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को मनाई जाएगी।

माँ दुर्गा आप सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें। जय माता दी!

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