Navgrah Shanti ke Upay | नवग्रह शांति के उपाय और बीजमंत्र

नवग्रह शांति हिंदू ज्योतिष का एक अत्यंत शक्तिशाली उपाय है जिसके माध्यम से कुंडली में मौजूद नवग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत किया जाता है। सूर्य, चंद्र, गुरु, बुध, शुक्र, शनि, मंगल, राहु और केतु- इन नवग्रहों के बीजमंत्र के नियमित जाप से जीवन में आने वाली अनेक प्रकार के कष्ट, ग्रह दोष, साढ़ेसाती, ढैया और मानसिक तनाव से राहत मिलती है। नवग्रहों की शांति पूजा और बीज मंत्र की साधना से धन, स्वास्थ्य, व्यवसाय और पारिवारिक सुखों में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

नवग्रह का सुंदर और मनभावन चित्र

अशुभ ग्रहों के दोष निवारण के उपाय एवं बीजमंत्र

  • सूर्य - कोई भी शुभ कार्य आरम्भ करने से पहले गुड़ या मिठाई आदि खाएं एवं पानी पीएं।
    सूर्य देव का बीज मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नमः
  • चन्द्र - बुजुर्गों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
    चन्द्र देव का बीज मंत्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
  • मंगल - आंखों में सफेद सुरमा लगाएं।
    मंगल देव का बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
  • बुध - दांतों को साफ रखें, नाक छिदवाएं।
    बुध देव का बीज मंत्र: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
  • गुरु - माथे पर पीला या केसर का तिलक लगाएं, नाक साफ रखें।
    गुरु देव का बीज मंत्र: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
  • शनि - लोहे का दान करें एवं 43 दिन तक कौवों को रोटी दें।
    शनिदेव का बीज मंत्र: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
  • शुक्र - साफ-सुथरे रहें एवं साफ कपड़े पहनें, परफ्यूम का प्रयोग करें।
    शुक्र ग्रह का बीज मंत्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नमः
  • राहु - सिर पर चोटी रखें, संयुक्त परिवार में रहें।
    राहु देव का बीज मंत्र: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
  • केतु - कुत्ता पालें, कान छिदवाएं।
    केतु देव का बीज मंत्र: ॐ कें केतवे नमः

ग्रह शांति के सरल उपाय

ग्रह (Planet) शांति के सरल उपाय (Remedies) विशेष दान (Donation)
सूर्य (Sun) प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाएं और पिता का सम्मान करें। गुड़, तांबा, गेहूं
चंद्रमा (Moon) शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं और माता के चरण स्पर्श करें। चावल, दूध, चांदी
मंगल (Mars) हनुमान चालीसा का पाठ करें और भाइयों की मदद करें। मसूर की दाल, शहद
बुध (Mercury) गाय को हरा चारा खिलाएं और गणेश जी की पूजा करें। मूंग दाल, हरी सब्जियां
गुरु (Jupiter) बड़ों का आशीर्वाद लें और केसर का तिलक लगाएं। चना दाल, हल्दी, केला
शनि (Saturn) पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और गरीब की सेवा करें। काला तिल, सरसों का तेल

अशुभ ग्रहों के दोष निवारण - FAQ

ग्रहों के बीज मंत्र का जाप कैसे करें?

हर ग्रह के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप के समय संबंधित ग्रह का ध्यान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें।

शनि दोष निवारण का सबसे सरल उपाय क्या है?

शनिवार को लोहे का दान करें और 43 दिन तक कौवों को रोटी खिलाएं। साथ में ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें।

क्या सभी 9 ग्रहों का बीज मंत्र एक साथ पढ़ सकते हैं?

हां, नवग्रह स्तोत्र या नवग्रह मंत्र का जाप किया जा सकता है। लेकिन अगर किसी एक ग्रह का दोष है तो उसी का बीज मंत्र पढ़ना ज्यादा फलदायी है।

नवग्रह शांति के उपाय करने का सही समय और नियम

नवग्रह शांति के उपाय करने से पहले कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। सबसे पहले स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। संकल्प लेकर ही उपाय शुरू करें। मंगलवार और शनिवार को उपाय करना सबसे शुभ माना जाता है। उपाय करते समय मन में भगवान का ध्यान रखें और सात्विक भोजन करें। अगर आप 9 ग्रहों के उपाय एक साथ नहीं कर सकते तो जिस ग्रह की दशा चल रही हो उसी का उपाय पहले करें। लगातार 9, 21 या 43 दिन तक उपाय करने से जल्दी फल मिलता है।

नवग्रह शांति के फायदे

नवग्रह शांति करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। नौकरी, व्यापार में तरक्की मिलती है। घर में सुख-शांति और धन की वृद्धि होती है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं। कोर्ट-कचहरी, कर्ज और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है। मानसिक तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। संतान सुख की प्राप्ति होती है और वैवाहिक जीवन सुखी रहता है।

सवाल 3: क्या महिला पीरियड्स में नवग्रह उपाय कर सकती है?

जवाब: नहीं, पीरियड्स के 4 दिन तक पूजा-पाठ और उपाय वर्जित हैं। बाद में स्नान करके फिर से शुरू कर सकते हैं।

सवाल 4: नवग्रह शांति के लिए कितना खर्च आता है?

जवाब: घर पर करने पर केवल पूजा सामग्री का खर्च आता है जो 500-1000 रुपये तक हो सकता है। पंडित से करवाएं तो 2100 से 5100 रुपये तक लग सकते हैं।

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