श्री गणेश जी की आरती | Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Lyrics

श्री गणेश जी की आरती | Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Lyrics

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले सबसे पहले भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। उन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता और सुख-समृद्धि के दाता कहा जाता है। गणेश जी की आरती "जय गणेश जय गणेश देवा" गाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।

Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics Hindi Me 2026

श्री गणेश जी की आरती के बोल

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एकदंत दयावंत चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करे सेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

भावार्थ: हे गणेश जी, आपकी जय हो। आपकी माता पार्वती और पिता भगवान शिव हैं। आप एक दांत वाले, दया करने वाले और चार भुजाओं वाले हैं। आपका वाहन मूषक है।

गणेश जी की आरती करने का महत्व और लाभ

शास्त्रों के अनुसार सुबह स्नान के बाद और रात को सोने से पहले गणेश जी की आरती करना सबसे उत्तम माना जाता है। इस आरती को करने से निम्न लाभ मिलते हैं:

  • बाधाएं दूर होती हैं: कोई भी नया काम शुरू करने से पहले आरती करने से सभी रुकावटें खत्म हो जाती हैं।
  • बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति: विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए ये आरती बहुत लाभदायक है।
  • धन-धान्य में वृद्धि: घर में सुख-शांति और पैसों की कमी दूर होती है।
  • रोगों से मुक्ति: मान्यता है कि सच्चे मन से आरती करने पर बीमारियां दूर होती हैं।
  • मानसिक शांति: तनाव, डिप्रेशन और नकारात्मकता दूर होकर मन को शांति मिलती है।

गणेश जी की आरती करने की सही विधि

आरती का पूरा लाभ लेने के लिए इसे सही तरीके से करना चाहिए:

  1. समय: सुबह ब्रह्म मुहूर्त में या शाम को संध्या के समय आरती करें। बुधवार और चतुर्थी का दिन सबसे शुभ है।
  2. सामग्री: धूप, दीप, अगरबत्ती, फूल, दूर्वा, मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
  3. विधि: सबसे पहले गणेश जी की मूर्ति को साफ करके उस पर जल चढ़ाएं। फिर धूप-दीप जलाकर 3 बार आरती गाएं और अंत में क्षमा प्रार्थना करें।
  4. नियम: आरती करते समय मन शांत रखें और मोबाइल टीवी बंद कर दें।

गणेश जी से जुड़ी कुछ खास बातें

भगवान गणेश को "प्रथम पूज्य" का दर्जा प्राप्त है। कहा जाता है कि जब देवताओं में श्रेष्ठ कौन है इस पर चर्चा हुई तो गणेश जी ने अपनी बुद्धि से माता-पिता की 7 बार परिक्रमा करके ये पद प्राप्त किया। इसीलिए कोई भी पूजा-पाठ शुरू करने से पहले उनका नाम लिया जाता है। भाद्रपद महीने में आने वाला गणेश चतुर्थी का त्योहार 10 दिन तक मनाया जाता है।

गणेश जी की आरती से जुड़े सवाल - FAQ

सवाल 1: गणेश जी की आरती करने के क्या लाभ हैं?

जवाब: आरती करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, बुद्धि तेज होती है, घर में सुख-शांति आती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

सवाल 2: क्या हम बिना मूर्ति के आरती कर सकते हैं?

जवाब: हां, अगर मूर्ति नहीं है तो आप गणेश जी की फोटो के सामने दीप जलाकर भी आरती कर सकते हैं। भाव सबसे जरूरी है।

सवाल 3: आरती कितनी बार गानी चाहिए?

जवाब: कम से कम 1 बार और ज्यादा से ज्यादा 3, 5 या 11 बार गा सकते हैं। बुधवार को 11 बार गाना बहुत शुभ माना जाता है।

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