विष्णु भगवान को इस जगत का पालनहार माना जाता है। ओम जय जगदीश हरे आरती विष्णु भगवान जी को समर्पित है। जीवन में हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति के लिए विष्णु भगवान का स्मरण अवश्य करना चाहिए।

ॐ जय जगदीश हरे आरती - भगवान विष्णु की प्रतिमा

ओम जय जगदीश हरे आरती के बोल हिंदी में

ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे
ओम जय जगदीश हरे


जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का
सुख संपति घर आवै, कष्ट मिटे तन का
ओम जय जगदीश हरे

मात पिता तुम मेरे, शरण गहू किसकी
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी
ओम जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती के लाभ

विष्णु भगवान की आरती नित्य गाने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। कष्टों और मुश्किलों से मुक्ति मिलती है। मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। पारिवारिक वातावरण सुखमय रहता है।

आरती करने का सही समय

सुबह और शाम दोनों समय विष्णु जी की आरती कर सकते हैं। गुरुवार का दिन विशेष फलदायी माना जाता है।

ॐ जय जगदीश हरे आरती से जुड़े सवाल-जवाब FAQ

1. ओम जय जगदीश हरे आरती किस भगवान की है?

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है। जगदीश का अर्थ है जगत के ईश्वर, यानी विष्णु जी। कुछ लोग इसे नारायण जी की आरती भी कहते हैं।

2. ॐ जय जगदीश हरे आरती करने का सही समय क्या है?

सुबह और शाम दोनों समय कर सकते हैं। गुरुवार का दिन विष्णु जी को समर्पित है, इसलिए गुरुवार को पाठ करने से विशेष फल मिलता है। एकादशी के दिन भी करना शुभ माना जाता है।

3. क्या ओम जय जगदीश हरे आरती रोज करनी चाहिए?

हां, रोज सुबह-शाम करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। मानसिक तनाव दूर होता है और नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। समय न हो तो सिर्फ गुरुवार को जरूर करें।

4. ॐ जय जगदीश हरे आरती करने के क्या लाभ हैं?

1. घर में सुख-समृद्धि आती है
2. कष्ट और परेशानियां दूर होती हैं
3. मानसिक शांति मिलती है
4. पारिवारिक कलह खत्म होता है
5. मनवांछित फल की प्राप्ति होती है

5. क्या आरती करते समय दीपक जलाना जरूरी है?

हां, घी का दीपक जलाकर आरती करना सबसे शुभ माना जाता है। अगर दीपक न हो तो मन से श्रद्धापूर्वक आरती गा सकते हैं। भाव सबसे जरूरी है।

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